स्मार्ट मीटर को लेकर असमंजस के बीच विभाग का बड़ा स्पष्टीकरण, जानिए क्या है पूरी व्यवस्था
Smart meter
स्मार्ट मीटर को लेकर असमंजस के बीच विद्युत विभाग ने किया स्पष्ट, तेजी से जारी रहेगी मीटरों की स्थापना।
ताहिर खान
कवर्धा– स्मार्ट मीटर की स्थापना को लेकर कबीरधाम जिले के कई उपभोक्ताओं के बीच बनी असमंजस और भ्रम की स्थिति के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), राजनांदगांव क्षेत्र ने स्थिति स्पष्ट की है। विद्युत विभाग के अनुसार जिले में स्मार्ट मीटर की स्थापना केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। मंत्रालय ने 12 अगस्त 2026 को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को स्मार्ट मीटर स्थापना के कार्य में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं।
स्मार्ट मीटर को लेकर क्यों बना असमंजस?
कबीरधाम जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का काम बड़े स्तर पर जारी है। इसके चलते कई उपभोक्ताओं के बीच स्मार्ट मीटर की उपयोगिता, बिलिंग व्यवस्था और इससे होने वाले बदलाव को लेकर तरह-तरह के सवाल और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से स्मार्ट मीटर को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं।
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर की स्थापना निर्धारित सरकारी दिशा-निर्देशों और भारतीय मानकों के अनुरूप की जा रही है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर भरोसा न करें और स्मार्ट मीटर से जुड़ी जानकारी के लिए विद्युत विभाग के अधिकृत माध्यमों एवं अधिकारियों से ही जानकारी प्राप्त करें।
कबीरधाम में 1.17 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित
विद्युत मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इसी क्रम में कबीरधाम जिले में अब तक 1 लाख 17 हजार 302 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य व्यापक स्तर पर लगातार जारी है और बड़ी संख्या में उपभोक्ता आधुनिक मीटरिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं।
सटीक और पारदर्शी बिलिंग का दावा
विद्युत विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक बिजली खपत के आधार पर अधिक सटीक एवं पारदर्शी बिलिंग की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर पहले की तुलना में बेहतर तरीके से नजर रख सकेंगे।
स्मार्ट मीटर व्यवस्था भविष्य में समय आधारित बिजली दर (Time-of-Day Tariff) जैसी सुविधाओं के उपयोग में भी सहायक हो सकती है। इसके तहत अधिक दर वाले समय में बिजली का उपयोग कम और कम दर वाले समय में उपयोग बढ़ाकर उपभोक्ता अपने बिजली खर्च को नियंत्रित करने का प्रयास कर सकेंगे।
बिजली विभाग को भी मिलेगा फायदा
स्मार्ट मीटर से केवल उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि विद्युत वितरण कंपनी को भी बिजली खपत का अधिक सटीक लेखा-जोखा रखने में मदद मिलेगी। इससे बिजली वितरण की बेहतर निगरानी, व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और उपभोक्ता सेवाओं को आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
देश के कई राज्यों में तेजी से हो रहा स्मार्ट मीटर का काम
विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी रखने तथा इसकी गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इसी दिशा में देश के विभिन्न राज्यों में स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इनमें केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित अन्य राज्य शामिल हैं।
स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी
स्मार्ट मीटर की स्थापना को लेकर कबीरधाम जिले में उपभोक्ताओं का विरोध लगातार बढ़ रहा है। अधिक बिजली बिल आने की शिकायतों से नाराज कई लोगों ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर बाहर फेंक दिए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आने लगे हैं, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसी वजह से जिले के कई इलाकों में स्मार्ट मीटर के खिलाफ आंदोलन और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। लोगों ने विद्युत विभाग से बढ़े हुए बिलों की जांच कराने, मीटर व्यवस्था की समीक्षा करने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की है।